अदिति महाविद्यालय में दृश्यश्रव्य प्रयोगशाला का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित
अदिति महाविद्यालय (दिल्ली विश्वविद्यालय) के हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा दृश्यश्रव्य प्रयोगशाला का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजिका हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की प्रभारी प्रोफेसर माला मिश्र के द्वारा किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ गणेश स्तुति एवं सरस्वती वंदना,अदिति कुलगीत के साथ हुआ। इसके पश्चात् सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र,भगवान श्री राम की मूर्ति एवं तुलसी के पौधे भेंट कर किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे प्रो. बलराम पाणि (अधिष्ठाता कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय)। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री हितेश शंकर (संपादक– पाञ्चजन्य) आमंत्रित थे। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए प्रो. के.पी. सिंह (अध्यक्ष, गवर्निंग बॉडी, अदिति महाविद्यालय), प्रो. नीलम राठी (प्राचार्य, कार्यवाहक, अदिति महाविद्यालय) तथा प्रो. माला मिश्र (विभाग प्रभारी, हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार) भी उपस्थित रहीं।महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्रोफेसर ,विद्यार्थी तथा ग़ैरशैक्षिक समूह भारी संख्या में उपस्थित रहे।
आज की अदालत मैं लगायें सभी पर गंभीर आरोप
इसके बाद पत्रकारिता की मेधावी एवं बहुमुखी प्रतिभा की धनी छात्राओं प्रिया एवं श्रुति ने इस अवसर पर ‘आज की अदालत ‘ लगाकर अतिथियों पर प्रखर पत्रकार की शैली में बहुत सार्थक व शिष्ट आरोप लगाए तथा सभी का भरपूर मनोरंजन किया।
संघर्ष से स्वाभिमान तक का बहुत सुंदर नाट्यात्मक मंचन किया गया
इसके उपरांत प्रोफेसर बलराम पाणी के कर कमलों से प्रयोगशाला का विधिवत उद्घाटन किया गया।
उद्घाटन की औपचारिकता के पश्चात छात्राओं ने विभाग प्रभारी प्रोफेसर माला मिश्र के द्वारा रचित तथा निर्देशित लघुनाटिका हिंदी हैं हम”(संघर्ष से स्वाभिमान तक ) का बहुत सुंदर नाट्यात्मक मंचन किया गया जिसकी भूरि भूरि प्रशंसा से सारा सभागार गुंजायमान हो गया।सभी छात्राओं ने अपनी असाधारण अभिनेयता का साक्षात् परिचय देकर समस्त आगंतुकों को बरबस ही आकृष्ट कर लिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रो. के.पी. सिंह और प्रो. बलराम पाणि ने हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी भाषा के महत्व पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने हिंदी को जनभाषा, राष्ट्रभाषा और नई पीढ़ी को जोड़ने वाला सेतु बताते हुए इसकी संवृद्धि और संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रोफेसर बलराम पाणी ने कहा कि नई प्रयोगशाला हिंदी पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त मंच साबित होगी, जहाँ वे मीडिया जगत की व्यावहारिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
प्रोफेसर के.पी.सिंह ने कहा पत्रकारिता शिक्षा की सार्थकता लिए यह प्रयोगशाला सार्थक माध्यम बनेगी।हितेश शंकर के संदेश के अनुसार सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए यह प्रयोगशाला कर्मठता की अद्वितीय आधारशिला बनेगी।
प्रोफेसर नीलम राठी ने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थी इस प्रयोगशाला से लाभान्वित होकर नवीन पहचान प्राप्त करेंगे।प्रोफेसर माला मिश्र ने कहा यह दृश्य श्रव्य प्रयोगशाला सबल और आत्मनिर्भर भारतीय समाज के निर्माता भावी पत्रकारों के निर्माण की अनूठी पाठशाला सिद्ध होगी।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे विद्यार्थी और शोधार्थी
समारोह में बड़ी संख्या में अनेक महाविद्यालयों के विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय के शोधार्थियों की भी सक्रिय भागीदारी रही और अंत में सभी ने पत्रकारिता के महत्वपूर्ण टूल “दृश्य श्रव्य प्रयोगशाला “के शुभारंभ की उन्मुक्त कंठ से प्रशंसा की तथा हिंदी पत्रकारिता विभाग को इस ऐतिहासिक एवं सराहनीय उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।प्रोफेसर माला मिश्र के द्वारा लड्डू वितरण के माध्यम से इस आयोजन समारोह को मिठास भरी पूर्णता प्रदान की गई।छात्राओं ने कैमरा तथा संपादन उपकरण का उपयोग करके प्रयोगशाला की उपयोगिता को स्वयंसिद्ध किया।
