ऐपण की वरिष्ठ कलाकार मीरा जोशी संस्कृति सेवी सम्मान से हुई सम्मानित
कुमाऊँनी लोक हस्त शिल्प कला ऐपण की वरिष्ठ कलाकार मीरा जोशी को उत्तराखंड की लोक हस्तकला के क्षेत्र मे किये गए उत्कृष्ट कार्यो के लिए आज पूर्व राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी द्वारा संस्कृति सेवी सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया ।
अब तक पन्द्रह हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर चुकी
यह सम्मान मीरा जोशी को कुमाऊँनी भाषा साहित्य एवं संस्कृति प्रचार समिति के द्वारा रुद्रपुर मे आयोजित राष्ट्रीय कुमाऊँनी भाषा सम्मेलन मे प्रदान किया गया।
अल्मोड़ा निवासी 80 वर्षीय मीरा जोशी 1980 से ऐपण कला को जन जन तक पहुंचाने के कार्य मे संलग्न है। 44 वर्षो से इस कला के प्रचार प्रसार मे जुटी मीरा जोशी सरकारी व गैरसरकारी संस्थानों के माध्यम से अब तक पन्द्रह हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर चुकी है। इनके कार्यो की कई राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनिया देश की प्रतिष्ठित आर्ट गैलरी मे लग चुकी है। इन्होने अपनी अल्प फैमिली पेंशन से युवा कलाकारों को ऐपण कला की ओर प्रोत्साहित करने के लिए दस हजार की सम्मान राशि का सम्मान भी शुरू किया।
महिलाओं को ऐपण का एक माह प्रशिक्षण दिया
कोरोना महामारी के समय में जीवन की चिंता किए बिना महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र तथा किशोरी सदन, बख, अल्मोड़ा में महिलाओं को ऐपण का एक माह प्रशिक्षण दिया और उनमें एक नई ऊर्जा का संचार किया। मीरा जोशी के द्वारा उत्तराखंड की लोक हस्तकला ऐपण को जन-जन तक पहुंचाने के लगातार किये जा रहे प्रयासों को मान्यता देते हुए कई राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओ द्वारा उन्हे समय समय पर सम्मानित किया जाता रहा है।
