दिवाकर भट्ट की प्रतिमा स्थापना के लिए सुपार गांव की मिट्टी एकत्र की गई
उत्तराखंड के फील्ड मार्शल, वरिष्ठ उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय दिवाकर भट्ट की जन्म भूमि सुपार गांव से मिट्टी एकत्र की गई।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन का इतिहास जिंदा रहेगा।
कीर्तिनगर सुपार गांव में अपने पैतृक घर पर दिवंगत दिवाकर भट्ट के पुत्र ललित भट्ट द्वारा देवप्रयाग समाजसेवी गणेश भट्ट एवं उत्तराखंड तीर्थाटन पर्यटन समिति के अध्यक्ष कमल भंडारी को घर के आंगन की मिट्टी का कलश सौंपा। गणेश भट्ट ने कहा कि स्व दिवाकर भट्ट की मृत्यु के बाद जनता की भावना के अनुरूप मलेथा तिराहे पर, धड़्दी घंडियाल क्षेत्र में और मसूरी में भट्ट की प्रतिमा स्थापना की जाए। गणेश भट्ट ने कहा कि यदि राज्य सरकार शीघ्र ही इस अभियान में सहयोग नहीं करती है तो वे आम जनता के सहयोग से मूर्ति स्थापना करेंगे। कहा कि दिवाकर भट्ट की प्रतिमा स्थापना से आने वाली पीढ़ियों तक हमेशा उत्तराखंड राज्य आंदोलन का इतिहास जिंदा रहेगा।
इस मौके पर उत्तराखंड तीर्थाटन पर्यटन समिति के कमल भंडारी द्वारा स्थापित रिंगोली गांव के सुरकंडा देवी मंदिर में दिवाकर भट्ट के घर की मिट्टी का कलश संरक्षित किया गया। कमल भंडारी ने कहा कि दिवाकर भट्ट के साथ राज्य आंदोलन में उनका बड़ा संघर्ष रहा है कई बार उन्हें भी जेल जाना पड़ा। यदि राज्य सरकार उनकी प्रतिमा स्थापना में सहयोग करती है तो यही राज्य आंदोलनकारियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस मौक़े पर उपस्थित जन
इस मौके पर बड़े भाई ललित भट्ट, सीमा भट् जी, बेटा रियांश भट्ट,पंडित अनुज जोशी, पंडित राकेश गोदियाल ,
भाई विजय सिंह पूर्व प्रधान जियालगढ़,
भाई शैलेन्द्र बंगवाल, पूर्व प्रधान जियालगढ़
मौसा सुरेन्द्र प्रसाद कंप्रवान,मौसा सुनील कप्रवान ,
स्व० दिवाकर भट्ट के छोटे भाई जगत राम भट्ट
संजय बडोनी पूर्व अध्यक्ष सांस्कृतिक प्रकोष्ठ यूकेडी
रीना बडोनी, सर्वेश्वरी देवी, दीपा देवी, सुलोचना देवी आदि शामिल रहे।।

