भाजपा नेता का बयान सफाई कर्मियों का अपमान, पूरे नगर को बदनाम करने की साजिश
भाजपा नेता द्वारा कल प्रेस को दिए गए बयान में यह कहना कि “पिछले 15 वर्षों में अल्मोड़ा को कूड़े का ढेर बना दिया गया” न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह नगर के मेहनतकश पर्यावरण मित्रों पर सीधा हमला है। यह बयान भाजपा की उस मानसिकता को दर्शाता है जो जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों के सम्मान को कुचलने का काम करती है।
कर्मियों के परिश्रम को आज “कूड़े का ढेर” कहकर अपमानित किया
हमारे पर्यावरण मित्र दिन-रात मेहनत कर नगर को स्वच्छ बनाए रखते हैं। कोरोना काल जैसे भयावह समय में, जब बड़े-बड़े नेता घरों में सुरक्षित बैठे थे, तब यही पर्यावरण मित्र अपनी जान हथेली पर रखकर फ्रंटलाइन वर्कर बनकर पूरे नगर को सैनिटाइज कर रहे थे। उन्हीं कर्मियों के परिश्रम को आज “कूड़े का ढेर” कहकर अपमानित किया जा रहा है, जो कि बेहद शर्मनाक है।
दोनों ही स्थितियां नगर की जनता के साथ विश्वासघात
भाजपा नेता का यह बयान उन पर्यावरण मित्रों के खिलाफ है, जिन्होंने अपनी सेवाओं से सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित रखने का कार्य किया। और आज भी नगर में अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दे रहे हैं।
और भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में नगर के वर्तमान पार्षद, जिनमें एक पूर्व सभासद भी शामिल हैं, मंच पर मौजूद थे। इसके बावजूद इस घोर अपमानजनक बयान पर उनकी चुप्पी यह साबित करती है कि या तो वे इस बयान से सहमत थे या फिर उनमें साहस की कमी थी। दोनों ही स्थितियां नगर की जनता के साथ विश्वासघात हैं।
भाजपा नेताओं को चेतावनी
हम भाजपा नेताओं को चेतावनी देते हैं कि पर्यावरण मित्रों के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस प्रकार न केवल भाजपा नेता ने पर्यावरण मित्रों का अपमान किया है, बल्कि एक पूरे समाज का अपमान किया है और ये भाजपा के चरित्र को भी उजागर करती है कि वो एक समाज विशेष के लिए किस प्रकार की मानसिकता रखते हैं। उनके इस बयान पर पूरी भारतीय जनता पार्टी को सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए और ऐसे बड़बोले नेता को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।
अल्मोड़ा को बदनाम करने वालों को जनता करारा जवाब देगी।
