सुनो जी लखन तुम आए यहां सिया प्यारी को तुम छोड़े कहां अकेले-अकेले वह मर जाएगी

सुनो जी लखन तुम आए यहां सिया प्यारी को तुम छोड़े कहां अकेले-अकेले वह मर जाएगी‌ चतुर्थ दिवस का शुभारंभ…

नहीं मानूंगी मैं तोरी बात चाहे राजा जैसे कहो, राम के वन जाने के वियोग में दशरथ ने त्यागे प्राण

नहीं मानूंगी मैं तोरी बात चाहे राजा जैसे कहो, राम के वन जाने के वियोग में दशरथ ने त्यागे प्राण…