कुमाऊँ विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार महिला मोर्चा अध्यक्षा बनीं प्राची नेगी

कुमाऊँ विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार महिला मोर्चा अध्यक्षा बनीं प्राची नेगी

नैनीताल के डीएसबी कैंपस में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है, जहां गर्ल्स वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए उम्मीदवार रहीं प्राची नेगी को कुमाऊँ विश्वविद्यालय के तहत महिला मोर्चा की अध्यक्षा के रूप में चुना गया है। प्राची नेगी ने अपने स्नातक में 9.2 सीजीपीए हासिल कर स्वर्ण पदक प्राप्त किया था और वर्तमान में वह अर्थशास्त्र की शिक्षिका हैं।

प्राची नेगी की उपलब्धियाँ

– *शिक्षा*: प्राची नेगी ने अपने स्नातक में 9.2 सीजीपीए के साथ स्वर्ण पदक प्राप्त किया।

– *पेशेवर जीवन*: वह अर्थशास्त्र की शिक्षिका के रूप में काम कर रही हैं।

– *राजनीतिक जीवन*: प्राची नेगी ने अब अपने राजनीतिक करियर के लिए शिक्षण व्यवसाय को छोड़ दिया है और डीएसबी कैंपस में महिला मोर्चा अध्यक्षा के रूप में चुनी गई हैं।

चुनाव के दौरान ईमानदारी और निष्ठा

चुनाव के दौरान विपक्षी दलों द्वारा उन्हें ₹5 से ₹15 लाख रुपये और 3 iPhones का लालच दिया गया, लेकिन प्राची नेगी ने छात्रों के कल्याण के लिए इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया। उनकी इस निष्ठा और ईमानदारी के लिए हम उनकी सराहना करते हैं।

महिला मोर्चा अध्यक्षा के रूप में भूमिका

महिला मोर्चा अध्यक्षा के रूप में, प्राची नेगी की जिम्मेदारी होगी कि वे महिलाओं के अधिकारों और हितों की रक्षा करें और उन्हें समाज में सशक्त बनने के लिए प्रोत्साहित करें। उनकी इस उपलब्धि से न केवल डीएसबी कैंपस की अन्य छात्राओं को प्रेरणा मिलेगी, बल्कि यह कुमाऊँ विश्वविद्यालय के लिए भी गर्व का विषय है।

प्राची नेगी की सराहना

हमें एक ऐसे नेता की आवश्यकता है जो छात्रों के हितों को प्राथमिकता दे और ईमानदारी के साथ काम करे। प्राची नेगी इस मामले में एक आदर्श उदाहरण हैं। हमें उम्मीद है कि वह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए छात्रों के लिए काम करेंगी और डीएसबी कैंपस को एक नई दिशा देंगी।

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