स्थानीय से वैश्विक: अदिति महाविद्यालय की छात्राओं ने सूरजकुंड मेले में देखी ‘आत्मनिर्भर भारत’ की झलक

स्थानीय से वैश्विक: अदिति महाविद्यालय की छात्राओं ने सूरजकुंड मेले में देखी ‘आत्मनिर्भर भारत’ की झलक

दिल्ली विश्वविद्यालय के अदिति महाविद्यालय के ‘हिंदी विभाग’ ‘ द्वारा आज दिनांक 12 फरवरी 2026 को हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार पाठ्यक्रम की छात्राओं के लिए एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस यात्रा के दौरान छात्राओं ने फरीदाबाद के विश्व प्रसिद्ध 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले का भ्रमण कर व्यावहारिक एवं तकनीकी अनुभव लिया।
यह शैक्षणिक यात्रा महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर नीलम राठी की अनुमति से आयोजित की गई। इस पूरे भ्रमण का सफल क्रियान्वयन हिंदी विभाग की प्रभारी प्रोफेसर माला मिश्र के कुशल संयोजन और अनुभव पूर्ण निर्देशन में संपन्न हुआ। साथ ही, हिंदी की अध्यापिका डॉ. आशा देवी ने भी छात्राओं का मार्गदर्शन किया और उन्हें मेले की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्ता से परिचित कराया।

भ्रमण के दौरान जनसंचार विभाग के लैब तकनीशियन श्री राजेश जी ने छात्राओं को पत्रकारिता के तकनीकी पक्ष का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने छात्राओं को कैमरा हैंडलिंग और छायांकन की बारीकियां सिखाईं। श्री राजेश जी ने विशेष रूप से विभिन्न कोणों से ‘शॉट्स’ लेने का अभ्यास कराया ताकि छात्राएं भविष्य में एक कुशल सांस्कृतिक पत्रकार के रूप में पेशेवर तरीके से कार्य कर सकें।
इस वर्ष मेले की थीम ‘स्थानीय से वैश्विक: आत्मनिर्भर भारत की पहचान’ रही। छात्राओं ने गहराई से समझा कि कैसे स्थानीय शिल्पकार अपनी कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर रहे हैं।
मेले में ‘श्री राम’ पर आधारित कलाकृतियां भी थीं। छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की विरासत, उनके पारंपरिक पहनावे और हस्तशिल्प को अपने कैमरों में कैद किया।
छात्राओं ने भिन्न -भिन्न क्षेत्रों के व्यंजनों का स्वाद भी लिया और भारत की ‘विविधता में एकता’ का अनुभव किया।
प्रोफेसर माला मिश्र की अनुभवशील कर्मठता ,छात्राओं के प्रति अपार स्नेह और अति उत्साह के फलस्वरूप यह शैक्षणिक भ्रमण अत्यंत सफल और प्रेरणास्पद रहा। श्री राजेश जी ने अपनी तकनीकी और व्यावहारिक कुशलता से छात्राओं को लाभान्वित किया। शिक्षिका डॉ. आशा देवी ने भी अपनी सहयोगशीलता से छात्राओं को सीखने के लिए प्रेरित किया। यह भ्रमण अत्यंत सफल और ज्ञानवर्धक रहा। छात्राओं ने न केवल अनुशासन के साथ इस यात्रा का आनंद लिया, बल्कि रिपोर्टिंग और छायांकन के नए आयामों को भी सीखा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *