जोशी खोला व थपलिया में तेंदुए का आतंक, जनआक्रोश के बाद हरकत में आया वन विभाग
अल्मोड़ा नगर के जोशी खोला और थपलिया क्षेत्र इन दिनों भय के साए में जीने को मजबूर हैं। एक बार फिर बीते कई दिनों से जोशी खोला क्षेत्र में तेंदुए को खुलेआम घूमते देखा गया, जिससे क्षेत्रवासियों में दहशत के साथ-साथ गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया। लगातार तेंदुए की सक्रियता सामने आने के बावजूद लंबे समय तक कोई ठोस और स्थायी कार्रवाई न होने से लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही थी।
आज हालात और अधिक गंभीर
यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी इन्हीं क्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी सामने आई थी, लेकिन उस समय वन विभाग द्वारा केवल एक–दो दिन औपचारिक गश्त कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। नतीजतन आज हालात और अधिक गंभीर हो गए और लोग अपने ही घरों, गलियों व आसपास के रास्तों में स्वयं को असुरक्षित महसूस करने लगे।
पिंजरा तत्काल लगाए जाने की मांग सख्ती से रखी
गांधी पार्क वार्ड के पार्षद एडवोकेट दीपक कुमार जोशी द्वारा सूचना दिए जाने पर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने तत्काल वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया। उन्होंने निरंतर रात्रिकालीन गश्त, पुलिस के माध्यम से व्यापक मुनादी तथा तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा तत्काल लगाए जाने की मांग सख्ती से रखी।
जनआक्रोश और लगातार दबाव के बाद आज अभी वन विभाग ने मौके पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा स्थापित कर दिया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और पूरे क्षेत्र में निगरानी व रात्रिकालीन गश्त तेज कर दी गई है।
वन विभाग की टीमें पूरी तरह सक्रिय
प्रभागीय वनाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि जोशी खोला और थपलिया क्षेत्रों में वन विभाग की टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने आमजन से सतर्क रहने और विभाग का सहयोग करने की अपील की है।
जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
इधर पार्षद एडवोकेट दीपक कुमार जोशी और सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने संयुक्त रूप से प्रशासन से कहा है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही क्षेत्रवासियों से अपील की गई है कि रात्रि के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, बच्चों व बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें।
