देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित


देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

आज दिनांक 01 अप्रैल 2026 को राजकीय महाविद्यालय, लमगड़ा (अल्मोड़ा) के सभागार हॉल में “देवभूमि उद्यमिता योजना” के अंतर्गत एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उद्यमिता के महत्व से अवगत कराना, स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी प्रदान करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित करना था।

उद्यमिता युवाओं के लिए एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं अतिथि स्वागत के साथ किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. कमरुद्दीन, मुख्य वक्ता महेन्द्र सिंह रौतेला तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. कमरुद्दीन ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में उद्यमिता युवाओं के लिए एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, आत्मविश्वास एवं परिश्रम के माध्यम से अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया तथा उद्यमिता को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन डॉ. हेमन्त कुमार बिनवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं नोडल अधिकारी, देवभूमि उद्यमिता योजना द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्यमिता के विभिन्न आयामों-जैसे व्यवसाय की प्रारम्भिक योजना, संसाधनों का प्रभावी उपयोग, सरकारी योजनाओं की जानकारी, वित्तीय सहायता के स्रोत एवं नवाचार की भूमिका-पर विस्तार से जानकारी प्रदान की तथा उन्हें योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

युवाओं को जोखिम उठाने, निरंतर प्रयास करने एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया

मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित महेन्द्र सिंह रौतेला ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि सीमित संसाधनों में भी सफल उद्यम स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को जोखिम उठाने, निरंतर प्रयास करने एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा संतोषजनक समाधान किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं स्वरोजगार से संबंधित अवसरों की जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हेमन्त कुमार बिनवाल द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, प्राध्यापकगण, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में उपस्थित जन

इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण-डॉ. रेनू जोशी, डॉ. कमलेश कुमार, सिद्धार्थ गौतम, धर्मेंद्र नेगी, दीपक कुमार,  रेनू असगोला, नरेंद्र प्रसाद एवं अन्य कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अंत में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि उद्यमिता केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता एवं समाज के समग्र विकास का आधार भी है।

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