होली के रंगों में घुला स्वच्छता और स्वास्थ्य का संकल्प, नमामि गंगे अभियान को मिला नया आयाम

होली के रंगों में घुला स्वच्छता और स्वास्थ्य का संकल्प, नमामि गंगे अभियान को मिला नया आयाम

होली के रंग जब समाज को नई दिशा देने लगें, तो वह केवल त्योहार नहीं बल्कि एक आंदोलन बन जाता है। ऐसा ही अद्भुत दृश्य आज सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग, एस.एस.जे. परिसर अल्मोड़ा में देखने को मिला, जहाँ होली महोत्सव को केवल रंगों तक सीमित न रखकर उसे “स्वच्छ गंगा – स्वस्थ भारत” के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ दिया गया।

गंगा की स्वच्छता हर नागरिक की जिम्मेदारी

कार्यक्रम का आयोजन नमामि गंगे कार्यक्रम, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार, राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, अर्थ गंगा तथा स्वच्छ भारत मिशन की भावना के अनुरूप किया गया।

युवाओं ने प्राकृतिक रंगों से होली खेलते हुए  नारों और संवाद के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया कि गंगा की स्वच्छता केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। “रंगों से नहीं, गंदगी से दूरी रखो”, “स्वच्छ गंगा – स्वस्थ भारत”, जैसे नारों से पूरा विभाग गूंज उठा।

नोडल अधिकारी नमामि गंगे, डॉ. नवीन भट्ट ने अपने वक्तव्य में कहा—

“यदि युवा पीढ़ी किसी अभियान को अपना ले, तो वह आंदोलन बन जाता है। आज का यह आयोजन साबित करता है कि हमारी संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं।”

डॉ. गिरीश अधिकारी ने कहा—

“योग केवल शरीर को स्वस्थ नहीं करता, बल्कि समाज को भी स्वस्थ बनाता है। स्वच्छ गंगा के बिना स्वस्थ भारत की कल्पना अधूरी है।”

श्री लल्लन कुमार सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा—

“होली के रंग यदि स्वच्छता और जागरूकता के प्रतीक बन जाएँ, तो यही सच्ची होली है।”

श्रीमती हेमलता अवस्थी ने कहा

“महिलाओं और युवाओं की भागीदारी से ही स्वच्छता अभियान स्थायी रूप ले सकता है। आज का यह आयोजन प्रेरणा का स्रोत बनेगा।”

प्राकृतिक रंगों का हो प्रयोग

कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने यह भी संदेश दिया कि रासायनिक रंगों के बजाय प्राकृतिक रंगों का प्रयोग कर पर्यावरण की रक्षा की जा सकती है। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर स्वच्छ गंगा – स्वस्थ भारत की शपथ ली और यह संकल्प किया कि वे अपने घर, मोहल्ले और समाज को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर उपस्थित रहे 

पूरा विभाग देशभक्ति, सामाजिक चेतना और उत्सव के रंगों से सराबोर नजर आया। यह आयोजन यह सिद्ध कर गया कि जब त्योहारों को उद्देश्य से जोड़ा जाता है, तो वे केवल खुशी नहीं बल्कि बदलाव की शुरुआत बन जाते हैं। कार्यक्रम में योग विज्ञानविभाग के विद्यार्थी दिव्या रावत, भावना कंडारी, यामिनी लसपाल, पूजा बोरा, खुशी बिष्ट, मीना, रश्मि कांडपाल, नीतू बिष्ट, अर्चना बिष्ट, जानकी , मोहिता पंत, कमलेश पाठक, आशीष सिन्दोलिया,  अभय, आदित्य ,योगेश पाल,  आदि छात्र-छात्राएं उपस्थित थी

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