उत्तराखण्ड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने विभिन्न मांगो के निराकरण न होने पर सीएम को सौंपा ज्ञापन
उत्तराखण्ड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने विभिन्न मांगो के निराकरण न होने के कारण आगमी 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन व कार्य बहिष्कार के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।उत्तराखण्ड आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने लंबे समय से धरना व ज्ञापन के जरिये शासन प्रशासन को अपनी ज्वलंत माँगों के निराकरण के लिए गुहार लगाई लेकिन अब तक उनकी मांगों की कोई सुनवाई नहीं हुई।
छह माह बीत जाने के बाद भी नहीं हुई कोई सुनवाई
उत्तराखण्ड आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष सुशीला खत्री ने बताया कि 2024 से लगातार हम लोग अपनी माँगों के लिए लड़ रही हैं। 3 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री से वार्ता की।फिर 7 मार्च 2024 को निदेशालय के उपनिदेशक के साथ संघ के प्रतिनिधियों की बैठक हुई।हमारे मानदेय बढ़ोतरी के बारे में आश्वासन दिया गया। 13 मार्च 2024 संघ ने बहिष्कार स्थगित कर दिया।एक वर्ष में छह माह बीत जाने के बाद भी हमारे मानदेय बढ़ोतरी व अन्य ज्वलंत मांगो पर कोई सुनाई नहीं हुई।

कार्य के बहिष्कार की दी चेतावनी
उतराखंड आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री को कैबिनेट मंत्री महिला सशक्तिकरण बाल बिकास उत्तराखण्ड,बाल विकास परियोजना अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर 13 अक्टूबर से अनिश्चित कार्य के बहिष्कार की चेतावनी दे डाली।
आगंनबाड़ी कार्यक्रत्रियों को राज्य सरकार का दर्जा दिया जाये।24000 हजार रुपये मानदेय दिया जाय।
रिटायर होने पर पेंशन लागू की जाय जैसी माँगें की है।
