उत्तरायणी कौथिग 2024: भगवान श्रीराम जी की आरती से कौथिग के नवा दिन का शुभारंभ


लखनऊ। पर्वतीय महापरिषद, लखनऊ द्वारा आयोजित 10 दिवसीय (14 से 23 जनवरी ) उत्तरायणी कौथिग-2024 के “नवा दिवस” का शुभारम्भ ‘‘राम आएंगे’’ कार्यक्रम के तहत् भगवान श्रीराम जी की आरती के साथ प्रारम्भ हुआ।

जिसमें पर्वतीय महापरिषद के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं पण्डाल में उपस्थित भक्त श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर अयोध्या में हो रहे श्रीराम लला की प्राण-प्रतिष्ठा का सजीव प्रसारण देखकर देशव्यापी महोत्सव के साक्षी बने। इसके बाद मंच पर श्रीराम दरबार सजाया गया व श्रीराम सीता भरत लक्ष्मण शत्रुघन रथ पर सवार होकर दरबार में पधारे, आगे आगे उत्तराखण्डी वाद्य यन्त्रों के साथ छोलिया दल नृत्य करते चल रहा था, उसके बाद पुष्प वर्षा करती कलष लिए महिलाएं, नाचते गाते भगवा झण्डे लहराते चन्दनधारी रामभक्त पदाधिकारियों के साथ आमजन उत्साह एवं उमंग के साथ जय श्रीराम के नारे लगाते चल रहे थे। भक्तों का उत्साह एवं उमंग देखते बन रहा था।

महिलाओं ने पारम्परिक वेषभूषा व पुरूषों ने भगवा पगड़ी धारण कर सम्पूर्ण वातावरण राममय कर दिया। दरबार में श्रीराम जी का राज्याभिषेक पर्वतीय महापरिषद के धार्मिक प्रकोष्ठ के आचार्यों एवं पुराहितों द्वारा षंखनाद स्वस्तिवाचन के साथ हुआ। सभी ने श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, ष्षत्रुहन एवं हनुमान जी की आरती की, तत्पष्चात् श्री राम जन्मभूमि पूजित अक्षत् व प्रसाद वितरण किया गया। मेला स्थल आज सुबह से ही खचाखच भर गया जो कि रात तक डटे रहे। पर्वतीय महापरिषद द्वारा मेला स्थल के बाहर गोमती तट पर नाना प्रकार की आतिषबाजी कर दिवाली मनाई गई। आसमान में छूटते रंगबिरंगे अंगारे गंूजते पटाखों ने हर्षोल्लास की गवाही दी। सायं कालीन संध्या में महिला षाखा एवं युवा षाखा के सहयोग से इक्कीस हजार दीप प्रज्जवलित कर पंडाल के चारों ओर सुन्दर जगमग दीपोत्सव पर्व की छठा बिखेरी।


आज के समस्त सांस्कृतिक कार्यक्रम भक्तिपूर्ण व श्रीराम चन्द्र जी पर आधारित रहे।

उत्तराखण्ड से आए मेहमान कलाकार चन्द्र प्रकाष, चन्द्र कला, घुघुती जागर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी गई।

हुमा साहु दल द्वारा ’’श्रीराम चन्द्र कृपालु भजमन……..’’ एमाकुलेट ग्रुप द्वारा ‘‘राम आएंगे………..’’ मंदाकिनी बहुगुणा ग्रुप द्वारा ‘‘रघुपति राघव राजा राम………..’’ बीना रावत के निर्देषन में एल डी ए शाखा द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई।


कार्यक्रम व्यवस्था में मोहन बिष्ट मोना, पुष्कर नयाल, बिसन दत्त जोषी, जी डी भट्ट, लक्ष्मण धामी, गोर्वधन काण्डपाल, चंचल सिंह बोरा, जितेन्द्र उपाध्याय, दीपक चिलकोटी, भुवन जहाँवासी, आनन्द भण्डारी, गोविन्द पाठक, के सी पन्त, ज्ञान पन्त, एन के उपाध्याय, डी डी नरियाल, गोपाल जोषी, सहित कई पदाधिकारीगण हैं।


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