लखनऊ बीमा संस्थान ने ” एजेंट द्वारा उत्पादकता एवं एजेंसी का प्रतिधारण” के विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का किया आयोजन
लखनऊ। शनिवार को होटल मैपल लीफ हजरतगंज लखनऊ में लखनऊ बीमा संस्थान द्वारा ” एजेंट द्वारा उत्पादकता एवं एजेंसी का प्रतिधारण” के विषय पर एक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया।
सेमिनार में जीवन बीमा एवं साधारण बीमा उद्योग से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
सेमिनार का प्रारंभ मां सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। लखनऊ बीमा संस्थान के अध्यक्ष एवं भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ मंडलीय प्रबंधक संजय कुमार सिंह द्वारा आए हुए अतिथियों का स्वागत किया गया।भारतीय जीवन बीमा निगम के सेवा निवृत्त क्षेत्रीय प्रबंधक राजवीर सिंह ने अपनी उद्बोधन में कहा कि एजेंट की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए उनके प्रशिक्षण में वर्तमान तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल होना चाहिए। जिससे उन्हें प्रचलित उत्पादों का विस्तृत ज्ञान हो। कार्यालय में उनका काम आसान हो ।

बीमा कंपनी की मार्केटिंग फोर्स बीमा कंपनी की रीढ़ हैं। आधुनिक तकनीक के अनुसार एआई और मोबाइल ऐप से संबंधित प्रशिक्षण पर जोर दिया जाना चाहिए। बीमा एजेंट की पहचान विक्रयकर्ता के बजाय बीमा सलाहकार की बनानी चाहिए। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के महाप्रबंधक देवाशीष दास ने कहा कि आज के समय में भारत सरकार के विजन “2047 तक सभी देशवासियों के लिए बीमा अनिवार्य” को ध्यान में रखते हुए सभी बीमा कंपनियां कार्य कर रही है। इसलिए बीमा कंपनी के प्रत्येक कर्मचारियों को शैक्षिक और तकनीकी रूप से मजबूत रहना चाहिए। इसलिए समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों का विस्तृत ज्ञान रखना जरूरी है। न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के उप महाप्रबंधक गुरिंदर सिंह ने कहा कि आज के दौर पर प्रचार हेतु परंपरागत तकनीक के अलावा सोशल मीडिया का भी आम हम स्थान है। उन्होंने अभिकर्ताओं की सुविधाओं का भी ध्यान रखकर उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया।
लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विभूति राय ने बीमा ज्ञान के प्रसार में और तेजी लाने तथा जनमानस में बीमा जागरूकता बढ़ाने के लिए इस तरीके के कार्यक्रमो को जनता के बीच आयोजित करने और बीमा व्यवसाय को कैरियर के रूप में अपनाने के लिए विश्वविद्यालय में इस तरीके के सेमिनार आयोजित करने का सुझाव दिया। प्रोफेसर राय ने कहा कि आज के दौर में युवाओं को अपनी रोजमर्रा के खर्चो की पूर्ति बीमा एजेंट के रूप में कार्य करके की जा सकती है। वर्ष 2047 तक सभी को बीमा का लक्ष्य हासिल करना है तो इस क्षेत्र में तकनीकी के इस्तेमाल से विकास की दर बढ़ानी होगी।
दिन प्रतिदिन प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते क्रम को देखते हुए इससे होने वाली क्षति पर क्षतिपूर्ति हेतु अधिक से अधिक बीमा उत्पाद लाने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में लखनऊ बीमा संस्थान के वाइस चेयरमैन चंद्रशेखर शर्मा ने उपस्थित जनों का धन्यवाद ज्ञापित किया और सेमिनार आयोजन समिति के सचिव यू पी सिंह का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन रामविलास यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर काउंसिल सदस्य अजय डोभाल, पुनीत यादव,सह सचिव देवेंद्र मिश्रा, सेवानिवृत्ति क्षेत्रीय प्रबंधक अमित कपूर, एच के सिंह,प्रमोद श्रीवास्तव, सी पी पांडे, नरेंद्र मिश्रा इंद्रमणि मिश्रा सईदुल हक, तरुण अग्निहोत्री, सर्वजीत सिंह बोरा, सतीश अरोड़ा, अनिल कुमार सिंह, शशि बाला संतोष कुमार, संजय श्रीवास्तव, हेमचंद्र उप्रेती ,एल एस चौहान, देश दीपक मिश्रा सहित बीमा उद्योग से जुड़े अधिकारी कर्मचारी अभिकर्ता एवं सर्व उपस्थित थे।
देवेंद्र मिश्रा
सह सचिव लखनऊ बीमा संस्थान मो सं 9415560130
