शिव भक्ति से ही साहस, ज्ञान और शाक्ति सम्भव, श्री शिव महापुराण कथा का चौथा दिन
लखनऊ, 28 अक्टूबर अखिल भारतीय उत्तराखंड महासभा, लखनऊ के तत्वावधान में ज्ञान सरोवर विधालय वृदांवन योजना , रायबरेली रोड कालिन्दी पार्क के पास नौ दिवसीय दिनांक 25 अक्टूबर से 2 नवम्बर तक “श्री शिव महापुराण कथा” का आयोजन किया जा रहा है। आज चौथे दिन के यजमान हेमंत गाड़िया, हर्षपति जुयाल, हरेन्द्र सिंह नेगी एवं धीरज नेगी द्वारा प्रातः 10 बजे विधि विधान से पूजा अर्चना किया।
सभी भक्त हुए मंत्र मुग्ध
महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक असवाल ने बताया कि इन नौ दिनों में कथा स्थल पर विश्व कल्याण और शांति के लिए सवा लाख मंत्रों का मृत्युंजय जाप पांच ब्राह्मणों द्वारा भी किया जा रहा है।
सांय 3 बजे कथा वाचक पंडित मुकेश शुक्ला जी ने खचाखच भरे पंडाल में अपने मुखारविंद से श्रोताओं को भजन कीर्तन के साथ सभी शिव भक्तों को मंत्र मुग्ध कर दिया। उन्होंने ने कहा “श्री शिव महापुराण” में शिव को पंच देवों मे प्रधान, अनादि,जो स्वयंभू है, शाशवत है, सर्वोत्तम सत्ता है, विश्व चेतना है,सिद्ध परमेशवर के रूप में स्वीकार किया है।
पंडित मुकेश शुक्ला जी ने कहा माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए सच्ची भक्ति और समर्पण की भावना से कठोर तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और उनके साथ विवाह करने का वचन दिया।
भोले नाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए सच्ची भक्ति और समर्पण की आवश्यकता
पंडित मुकेश शुक्ला जी ने कहा भोले नाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए सच्ची भक्ति और समर्पण की आवश्यकता है। भगवान शिव की कृपा से व्यक्ति को शक्ति, साहस और ज्ञान की प्राप्ति होती है, जिससे वह जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकता है।
भोले नाथ की भक्ति करने से व्यक्ति को आत्मशांति, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। भगवान शिव की कृपा से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इस अवसर पर उपस्थित जन
आज कथा स्थल पर मुख्य रूप से उ. प्र.सूचना आयुक्त डा. दिलीप अग्निहोत्री, कोलिन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक विनोद पांडे, प्रधानाचार्य किरन पांडे, कुशल सिंह रावत, हरीश नेगी, टी एस राणा, प्रेम सिंह बिष्ट,बहादुर सिंह बिष्ट, भवान सिंह रावत, प्रेम खर्कवाल, विनय रावत, बलवीर सिंह पुण्डरी, शेखर पांडे, आर बी सिंह, पी के गुप्ता, मनोज जुयाल, डी डी नरियाल, आर पी जुयाल, पूरन बिष्ट, शेष नारायण दीक्षित, सतीश सिंह, राजेन्द्र रावत, विनय मिश्रा, केशव बिटालू,
बीना गड़िया, आशा जुयाल, सरला नेगी, गीता नेगी, द्रोपती महर, विशनु कान्ती मिश्रा, नीलम जुयाल, संगीता रावत, कंचन यादव, अम्बा बिष्ट, रंजना सिंह, इन्दु सिंह, मंजू मिश्रा, आदि कई भक्तगण मौजूद थे।
