SSJ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट देहरादून में ‘भारत गौरव सम्मान’ से सम्मानित

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सतपाल सिंह को ‘भारत गौरव सम्मान’ मिला है। द हयात सेंट्रिक, देहरादून में आयोजित हुए भारत गौरव फाउंडेशन के सम्मान कार्यक्रम में उन्हें शोध, शिक्षा एवं अकादेमिक क्षेत्र में दिए गए योगदान और विश्वविद्यालय में किये गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है।

ज्ञातव्य है कि कुलपति प्रो.सतपाल सिंह बिष्ट के नेतृत्व में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय और देश-विदेश के महत्वपूर्ण शोध संस्थानों के बीच 15 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं, विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद-महात्मा गांधी आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ अध्ययन केंद्र की स्थापना, मनोविज्ञान विभाग में हैप्पीनेस सेंटर की स्थापना हुई है।
विश्वविद्यालय में फाॅरेंसिक साइंस और स्वामी विवेकानंद फिलोसाॅफी, मेडिटेशन, पर्सनालिटी एंड स्किल डेवलेपमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों के संचालन की प्रक्रिया गतिमान है।
उत्तराखंड की संस्कृति को प्रोत्साहन देने, कंप्यूटर विज्ञान की प्रयोगशाला के आधुनिकीकरण करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन करने को लेकर कार्य किये हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा वनाग्नि रोकने के लिए छात्र-छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित किए और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर जी आई साइंस, एक्सीलेंस इन फोक क्राफ्ट एंड आर्ट ‘अल्पना‘, राष्ट्रीय स्तर के जर्नलिज्म संस्थान बनाये जाने, सेंटर फाॅर एक्सीलेंस इन ट्राइबल स्टडीज सेंटर की स्थापना करने को लेकर शासन को प्रस्ताव भेजे गए हैं।
विश्वविद्यालय और उससे सम्बद्ध सभी परिसरों में संरचनात्मक विकास, अकादेमिक उन्नयन और जन संसाधनों की पूर्ति आदि को लेकर उल्लेखनीय प्रयास किये गए हैं। उनके प्रयासों से ही विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर पदों के सृजन, खेल आदि में बेहतर उपलब्धि हासिल की है।
उनके द्वारा राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय सेमिनारों के आयोजन, जनजागरूकता अभियानों के संचालन और आध्यात्मिक परिपथ भ्रमण कार्यक्रम किये जा रहे हैं। इन सभी उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट को यह सम्मान दिया गया।
इस सम्मान के मिलने से कुलपति प्रो. बिष्ट द्वारा प्रधानमंत्री जी, भारत सरकार, उत्तराखंड सरकार और आयोजकों को धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों के सहयोग का परिणाम बताया है।

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