अल्मोड़ा: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पुतला दहन कर जिला निर्वाचन कार्यालय का घेराव
अल्मोड़ा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने चौघानपाटा में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया और इसके बाद जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मतदाता सूची के पुनरीक्षण, नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा आपत्तियों के निस्तारण को लेकर राजनीतिक दलों और आम मतदाताओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों का पारदर्शी तरीके से समाधान होना आवश्यक है।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन व्यवस्था ही लोकतंत्र की असली मजबूती है। यदि निर्वाचन आयोग के निर्णयों पर सवाल उठ रहे हैं, तो आयोग को तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए।
अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं और मतदाता का विश्वास चुनावी व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आयोग की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर निर्णय पारदर्शी और सभी दलों के प्रति समान व्यवहार पर आधारित होना चाहिए।
राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने, मतदाता सूचियों से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और निर्वाचन व्यवस्था में पूर्ण जवाबदेही तय करने की मांग की गई।
इस विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में विधायक मनोज तिवारी, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज, प्रकाश चंद्र जोशी, दीप सिंह डांगी, बीके पांडे, भुवन गहरवाल, देवेंद्र धोनी, किरन आर्य, गोपाल सिंह चौहान, नवीन चंद्र कोहली, महेश चंद्र, अम्बीराम, जगदीश तिवारी, पूरन चंद्र पांडे, दीपक किरौला, नारायण सिंह रावत, नंदन सिंह रावत सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
