बंदर या इंसान, आतंक किसका? पढ़िए डा. ललित योगी की लिखी कविता ‘हमारे पेड़ रेंत दिए’
बंदर या इंसान, आतंक किसका? पढ़िए ड़ा. ललित योगी की लिखी कविता ‘हमारे पेड़ रेंत दिए’ हमारे पेड़ रेंत दिए…
बंदर या इंसान, आतंक किसका? पढ़िए ड़ा. ललित योगी की लिखी कविता ‘हमारे पेड़ रेंत दिए’ हमारे पेड़ रेंत दिए…
ये चांद बादलों का है?या बादलों का चांद है।चांद था जो दूर बैठा हुआ,वो चांद अब इसरो में है।तुम शिव…
शीघ्र हीअल्मोड़ा के युवा गायक नाज़िम अली की आवाज में डॉ ललित योगी का लिखा हुआ गीत आएगा…आप जरूर सुनियेगा….