अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संवाद एवं विकास संकल्प सेवा सम्मेलन आयोजित
स्याल्दे, लमगड़ा और गंगोलीहाट में जनप्रतिनिधियों को दिया गया क्षमता विकास प्रशिक्षण
अल्मोड़ा/पिथौरागढ़, 10 अक्टूबर 2026। पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड के माध्यम से शनिवार को त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संवाद एवं विकास संकल्प सेवा सम्मेलन 2026 के अंतर्गत एक दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनपद अल्मोड़ा के विकासखंड स्याल्दे और लमगड़ा तथा जनपद पिथौरागढ़ के विकासखंड गंगोलीहाट में ब्लॉक मुख्यालयों पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों और वार्ड सदस्यों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का आयोजन संस्था ग्रामीण महिला उत्थान समिति, चितई-सिराड़, अल्मोड़ा द्वारा किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता का विकास करना और सतत विकास के संकल्प के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देना रहा।
स्याल्दे में सुरेंद्र सिंह नेगी रहे मुख्य अतिथि
विकासखंड स्याल्दे में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अल्मोड़ा के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दीप भगत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, ब्लॉक प्रमुख मथुरादत्त और पूरन रजवार सहित अन्य अतिथियों ने प्रतिभाग किया।
लमगड़ा में पंचायत प्रतिनिधियों ने लिया प्रशिक्षण
विकासखंड लमगड़ा में आयोजित सम्मेलन में प्रदेश मंत्री गौरव पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, ब्लॉक प्रमुख त्रिलोक सिंह रावत तथा खंड विकास अधिकारी रोहित वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों को क्षमता विकास प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
गंगोलीहाट में विधायक फकीर राम टम्टा रहे मुख्य अतिथि
जनपद पिथौरागढ़ के विकासखंड गंगोलीहाट में आयोजित सम्मेलन में विधायक फकीर राम टम्टा मुख्य अतिथि रहे। पूर्व विधायक मीना गंगोला और ब्लॉक प्रमुख विनोद प्रसाद सहित अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
तीनों विकासखंडों में आयोजित कार्यक्रमों में संस्था के मास्टर ट्रेनरों के साथ संबंधित ब्लॉकों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों के रेखीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। कार्यक्रम के माध्यम से जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद स्थापित करने, उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने और ग्रामीण विकास के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
