अदिति महाविद्यालय में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर प्रो. माला मिश्र के नेतृत्व में हुआ प्रेरणादायक सामूहिक गान
दिल्ली विश्वविद्यालय के अदिति महाविद्यालय में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पत्रकारिता विभाग की प्रभारी प्रो. माला मिश्र के नेतृत्व में हिन्दी एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की छात्राओं ने देशभक्ति की उमंग और उत्साह के साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गान किया।
कार्यक्रम की मुख्य सूत्रधार प्रो. माला मिश्र रहीं जिन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “राष्ट्र के सम्मान और स्वाभिमान का सूचक है मातृभूमि को समर्पित वंदे मातरम्, जो हमारा राष्ट्रीय गीत है।” उन्होंने आगे कहा कि यह गीत भारतीय संस्कृति, परंपरा और आत्मगौरव का प्रतीक है, जिसने आज़ादी के आंदोलन में असंख्य देशभक्तों को प्रेरित किया।
प्रो. माला मिश्र ने वंदे मातरम् के अर्थ, भाव और ऐतिहासिक महत्व को विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल राष्ट्रप्रेम का प्रतीक नहीं, बल्कि यह उस एकात्मता और शक्ति का संदेश देता है, जो भारत की असली पहचान है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे वंदे मातरम् के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर देश की प्रगति में योगदान दें।
कार्यक्रम के दौरान पूरे विभाग की छात्राओं का उत्साह, राष्ट्रप्रेम और एकात्मताभाव देखने लायक था। सभी के सामूहिक स्वर में गूंजते “वंदे मातरम्” ने परिसर के वातावरण को देशभक्ति की भावना से भर दिया। छात्राओं के चेहरों पर गर्व और उल्लास स्पष्ट झलक रहा था।
प्रो. माला मिश्र के नेतृत्व और प्रेरणादायक संबोधन ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। उनके शब्दों ने छात्राओं में नई चेतना और राष्ट्रभक्ति की ऊर्जा का संचार किया , मानो पूरा परिसर भारत माता की महिमा का सजीव प्रतीक बन उठा हो।
