भारत रत्न, संविधान निर्माता बी आर अंबेडकर की 135वींजयंती पर भाजपा ने लिया उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प 

भारत रत्न, संविधान निर्माता बी आर अंबेडकर की 135वींजयंती पर भाजपा ने लिया उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प 

भारत रत्न, संविधान निर्माता एवं सामाजिक न्याय के महान पुरोधा B. R. Ambedkar जी की 135वीं जयंती के अवसर पर नगर मंडल भारतीय जनता पार्टी द्वारा श्रद्धा एवं सम्मान के साथ उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

बाबा साहेब के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया

कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने उनके चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। वातावरण “जय भीम” और “संविधान जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा।

बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, तपस्या और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रतीक 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, तपस्या और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रतीक है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा को अपना शस्त्र बनाया और देश को एक ऐसा संविधान दिया, जो प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय की गारंटी देता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का सपना था कि भारत सामाजिक भेदभाव से मुक्त होकर समरसता और समान अवसरों वाला राष्ट्र बने।

समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुँचे

नगर अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव बाबा साहेब के सिद्धांतों — सामाजिक न्याय, सबका साथ-सबका विकास और संवैधानिक मूल्यों — को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुँचाने का कार्य करें, जिससे बाबा साहेब के समतामूलक समाज के सपने को साकार किया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी बाबा साहेब के जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा, संगठन और संघर्ष के मार्ग पर आगे बढ़े। बाबा साहेब का संदेश केवल किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक है।

बाबा साहेब का योगदान भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की नींव

कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा साहेब का योगदान भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की नींव है। उनके द्वारा निर्मित संविधान ने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। वक्ताओं ने सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करने पर बल दिया।

अंत में सभी उपस्थित जनों ने संकल्प लिया कि वे बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलकर समाज में शिक्षा, समानता और न्याय के मूल्यों को स्थापित करने हेतु निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

इस अवसर पर उपस्थित जन 

अर्जुन बिष्ट,कैलाश गुरुरानी,मनोज जोशी, पियूष कुमार,जगत तिवारी आशीष डोगरा,संदीप श्रीवास्तव,रजा अंसारी,सौरव वर्मा,सुधीर कुमार, गौरव आर्य, कृष्ण बहादुर,आनंद कनवाल,दिशांत पवार,

पंकज भाकुनी,शुभम् रौतेला,  नमन गुरानी, चंदन बहुगुणा, नीरज सांगा चंद्रशेखर पालीवाल, मोहित बिष्ट,अभिषेक तिवारी,गौरव भंडारी, आशीष डोगरा, पारस लोहनी,दिव्या जोशी,चित्रा उपाध्याय,नेहा मेहता, प्रीति रस्तोगी, आदि अनेक लोग उपस्थित रहे। 

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