Uttarakhand सरकारी स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य की दिनदहाड़े चाकू मारकर हत्या

Uttarakhand सरकारी स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य की दिनदहाड़े चाकू मारकर हत्या

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में शनिवार सुबह एक सरकारी स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य की दिनदहाड़े चाकू मारकर हत्या कर दी गई। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) भटखोला के प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा (55) पर स्कूल पहुंचने से पहले रास्ते में हमला किया गया। हत्या का आरोप विद्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक (क्लर्क) नवल किशोर सोराड़ी पर है, जो वारदात के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं और जिले की सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

जानकारी के अनुसार, सैंज निवासी दयानंद टम्टा शनिवार सुबह रोज की तरह स्कूल पहुंचे। उन्होंने मुख्य सड़क पर वाहन खड़ा किया और पैदल विद्यालय की ओर जा रहे थे। इसी दौरान स्कूल से करीब 150 मीटर पहले से घात लगाए बैठे आरोपी क्लर्क नवल किशोर सोराड़ी ने उन पर अचानक चाकू से हमला कर दिया। आरोपी ने उनके पेट में चाकू घोंपा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।

स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें जिला अस्पताल बागेश्वर पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वेतन विवाद को माना जा रहा हत्या का कारण

प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे वेतन और विभागीय विवाद का एंगल सामने आया है। बताया जा रहा है कि आरोपी का करीब चार महीने से वेतन रुका हुआ था। विभागीय कार्यों में लापरवाही और अभद्र व्यवहार के आरोप में उसका वेतन रोका गया था, जिसके बाद से वह अधिकारियों से नाराज चल रहा था। पुलिस फिलहाल इसी पहलू को प्रमुख आधार मानकर जांच कर रही है, हालांकि अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।

खंड शिक्षा अधिकारी आशाराम के अनुसार, घटना से एक दिन पहले आरोपी का फोन आया था। उसने कथित तौर पर कहा था, “मेरा वेतन जारी करो, नहीं तो वहीं आकर पीटूंगा।” इस धमकी के बाद अब पुलिस कॉल डिटेल और विभागीय रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

आरोपी नवल किशोर सोराड़ी मूल रूप से चंपावत जिले के पाटी क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। वारदात के बाद वह मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साथ ही जिले की सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

दयानंद टम्टा वर्ष 2005 से जीआईसी भटखोला में कार्यरत थे। पिछले लगभग तीन वर्षों से वह प्रभारी प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके परिवार में पत्नी, 24 वर्षीय बेटा और 20 वर्षीय बेटी हैं। दोनों बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।

घटना की खबर मिलते ही जिला अस्पताल में शिक्षक संघ के पदाधिकारी, स्थानीय ग्रामीण और परिजन बड़ी संख्या में पहुंच गए। उन्होंने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि गिरफ्तारी से पहले पोस्टमॉर्टम नहीं होने दिया जाएगा। स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

पुलिस जुटी जांच में

पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।

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