लोक पर्व हरेला के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
उत्तराखंड के लोक पर्व हरेला के अवसर पर आज दिनांक 16 जुलाई 2026 को राजकीय महाविद्यालय, शीतलाखेत, अल्मोड़ा में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मिलकर परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए।
वृक्षारोपण का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी पर पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना, प्रदूषण को नियंत्रित करना और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करना है। इसके माध्यम से पर्यावरण की रक्षा की जाती है और भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ व स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाता है।
दशकूपसमा वापी दशवापीसमो ह्रदः।दशह्रदसमो पुत्रो दशपुत्रसमो द्रुमः।।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ० प्रकाश चंद्र जांगी ने अपने वक्तव्य में पर्यावरण के महत्व को उद्धृत करते हुए कहा कि
संस्कृत साहित्य में भी वृक्षारोपण के महत्व को जगह-जगह पर इंगित किया गया है।
दशकूपसमा वापी दशवापीसमो ह्रदः।दशह्रदसमो पुत्रो दशपुत्रसमो द्रुमः।।
अर्थ:दस कुओं के बराबर एक बावड़ी होती है, दस बावड़ियों के बराबर एक तालाब होता है, दस तालाबों के बराबर एक पुत्र होता है और दस पुत्रों के समान एक वृक्ष होता है। अर्थात्, एक वृक्ष का रोपण और पोषण करना दस पुत्रों के पालन-पोषण के समान पुण्यकारी है।
छात्र छात्राओं को भी पर्यावरण के संरक्षण के लिए किया प्रेरित
इस अवसर पर महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र छात्राओं को भी पर्यावरण के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया और उनसे एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधे का रोपण कर उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने हेतु प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित जन
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० ललन प्रसाद वर्मा डॉ० सीमा प्रिया डॉ० प्रकाश चन्द्र जांगी डॉ० छत्र सिंह कठायत डॉ० राजेंद्र चंद्र पांडे, श्रीमती लक्ष्मी मनराल, अनुज कुमार, हेमंत मनराल, विनोद कुमार, कमल बनकोटी, लाल सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।
