Uttarakhand अब जिला स्तर पर मंजूर होगा बाल्य देखभाल अवकाश (CCL)
उत्तराखंड सरकार ने महिला कर्मचारियों के हित में एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शासन ने बाल्य देखभाल अवकाश (Child Care Leave – CCL) की स्वीकृति प्रक्रिया में बड़ा संशोधन किया है। सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया गया। नए नियमों के तहत अब महिला कार्मिकों को इस अवकाश की मंजूरी के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि अब जनपद स्तर पर ही इसे स्वीकृत किया जा सकेगा।
पुरानी व्यवस्था के अनुसार, बाल्य देखभाल अवकाश को मंजूरी देने का अधिकार केवल नियुक्ति प्राधिकारी के पास सुरक्षित था। इस जटिल व्यवस्था के कारण कई बार फाइलें हफ्तों तक लंबित रहती थीं और प्रशासनिक स्तर पर देरी होती थी। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा दूरस्थ और पर्वतीय जनपदों में तैनात महिला कर्मचारियों को भुगतना पड़ता था, जिन्हें छुट्टी के आवेदन की स्थिति जानने के लिए मुख्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता था।
अब नए शासनादेश के प्रभावी होने से यह पूरी प्रक्रिया अत्यंत सरल और समयबद्ध हो जाएगी। जिला स्तरीय अधिकारी को यह अधिकार मिलने से महिला कर्मचारियों को बड़ी मानसिक और प्रशासनिक राहत मिलेगी। सरकार के इस कदम का उद्देश्य महिला कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र को अधिक सुगम बनाना और उनके पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन में मदद करना है।
राज्य सरकार के इस फैसले का महिला कर्मचारी संगठनों ने जोरदार स्वागत किया है। कर्मचारियों का कहना है कि इस विकेंद्रीकरण से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि अनावश्यक भागदौड़ से भी मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण और कार्मिकों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए इस तरह के प्रशासनिक सुधार कर रही है।
