लखनऊ: महानगर रामलीला 26 सितंबर से, मंचन की तैयारियां अंतिम चरण में
Lucknow श्री रामलीला समिति महानगर लखनऊ द्वारा गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी रामलीला महोत्सव का आयोजन दिनांक 26 सितंबर 2025 से 3 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन सांय 8:30 से किया जायेगा । 50 के दशक में जब कुमाऊं क्षेत्र के अधिकांश लोग अविभाजित उत्तर प्रदेश सचिवालय एवं अन्य विभागों में नौकरी हेतु प्रदेश की राजधानी लखनऊ आए तब उनके साथ-साथ पहाड़ की कला और संस्कृति भी पहाड़ से उतरकर अविभाजित प्रदेश की राजधानी लखनऊ आई इसी क्रम में पहाड़ों की रामलीला जो की मुख्यतः गायकी और संवाद आधारित थी कुमाऊं परिषद द्वारा सर्वप्रथम नजरबाग में आयोजित हुई फिर उसके बाद अपेक्षाकृत बड़े पार्क मुरली नगर में आयोजित होने लगी। कुछ वर्षों बाद तत्कालीन पाश क्षेत्र महानगर में भी रामलीला का आयोजन होने लगा। धीरे-धीरे नगर क्षेत्र के विस्तार होने के साथ साथ अन्य क्षेत्रों में जहां पर पर्वतीय क्षेत्र के निवासियों का बाहुल्य था रामलीलाओं का आयोजन होने लगा। 1980 के बाद मुरली नगर की रामलीला का आयोजन बन्द हो गया। लेकिन महानगर में श्री रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला का आयोजन पंडित पूरन चन्द्र पाण्डे जी के प्रयासों से अनवरत जारी रहा। इसलिए इसे लखनऊ में पर्वतीयों की सबसे पुरानी रामलीला कहा जाता है।

आज के समय में लखनऊ में छह स्थानों पर पर्वतीय रामलीला का आयोजन होता है। रक्षा बंधन के बाद रामलीला की तालीम प्रारंभ हो जाती है जो लगभग डेढ़ माह तक जारी रहती है जहां पर कलाकारों के गायन संवाद एवं अभिनय को निखारा जाता है। मीडिया प्रभारी देवेन्द्र मिश्रा (जो कुम्भकरण का भी अभिनय कर है)ने बताया कि इस वर्ष रामलीला मंचन में विशेष रूप से सीता जन्म, रावण बाणासुर प्रसंग और जटायु प्रसंग शामिल किया गया है अतः इस कारण आठ दिवसीय रामलीला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। श्री रामलीला समिति के भवन में महेंद्र पन्त के निर्देशन में पात्रों को जोर शोर से अभिनय की तालीम दी जा रही है और इनका सहयोग सह निर्देशक के रूप में हरीश लोहुमी द्वारा किया जा रहा है। नवनिर्वाचित महासचिव गिरीश चन्द्र जोशी ने बताया कि महेंद्र पन्त निर्देशक की महत्वपूर्ण भूमिका के साथ-साथ केवट और हनुमान का भी अभिनय कर रहे हैं।

निजी व्यवसाय करने वाले सह निर्देशक हरीश लोहुमी स्वयं जनक एवं जटायु का अभिनय कर रहे हैं और उनकी पुत्रियां यशी एवं फाल्गुनी राम और लक्ष्मण का अभिनय कर रही है साथ ही उनकी पत्नी भावना लोहुमी जनक पत्नी का अभिनय कर रही है इस तरह पूरा परिवार रामलीला मंचन में समर्पित रहता है। स्नातक की छात्रा अनुराधा मिश्रा सीता का अभिनय कर रही है।वयोवृद्ध कलाकार श्रीमती हेमा जोशी जो की 75 वर्ष से अधिक की हैं । शबरी का अभिनय कर रहीं हैं। गोमती नगर निवासी श्रीमती राधिका बोरा इस वर्ष मंथरा का अभिनय कर रही है। बीमा कंपनी में सर्वेयर का काम करने वाले कमल पंत सुमंत ,बाली एवं जोगी रावण का अभिनय कर रहे हैं। निजी क्षेत्र की कंपनी में कार्यरत भास्कर जोशी लंका पति रावण का अभिनय कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के अवकाश प्राप्त अधिकारी एन बी जोशी बाणासुर और सुषैन वैद्य का अभिनय कर रहे हैं।

वरिष्ठ कलाकार कुणाल पंत द्वारा दशरथ और विभीषण का जीवन्त अभिनय किया जा रहा है।शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय की अध्यापिका श्रीमती सुजाता शर्मा अपने बच्चियों यशी और प्रतिष्ठा को जो कि भरत और शत्रुघ्न का अभिनय कर रही है उन्हें अभिनय की बारीकियों को सिखाने के लिए लगी हुई हैं। विश्वामित्र और मारीच का अभिनय गन्ना विभाग में कार्यरत मनीष उपाध्याय कर रहे हैं। परशुराम और अंगद का अभिनय पुलिस विभाग की सेवानिवृत्त अधिकारी नवीन पांडे द्वारा किया जा रहा है। राजेश तिवारी खर एवं सुग्रीव की भूमिका में नजर आएंगे। बहुत समय बाद रामलीला समिति के पुराने कलाकार पंकज त्रिपाठी दूषण और मेघनाथ की भूमिका में आ रहे हैं। कैकई का अभिनय लोककलाकार आशा रावत और ताड़का का अभिनय पिंकी नौटियाल, सूर्पनखा का अभिनय हर्शिला पांडे, त्रिजटा का अभिनय अंशु केवट व बंदीजन का अभिनय संजीव भट्ट द्वारा निभाया जा रहा है। संगीत पक्ष को मजबूत बनाने के लिए ललित भट्ट हारमोनियम में दिवाकर राव , नीरज पंत, मृदु नंदन सनवाल तबले में और किशोर श्रीवास्तव बांसुरी में संगत दे रहे हैं।


कलाकारों के अभिनय के साथ साथ उनके वस्त्र सजा का भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिसके लिए हिमांशु मिश्रा विशेष रूप से लगे हुए हैं। जहां एक ओर कलाकारों के अभिनय और वस्त्र को निखारने में प्रयास किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता अध्यक्ष ललित मोहन जोशी व महासचिव गिरीश चन्द्र जोशी एवं दीपक पाण्डेय दीनू,हेम पन्त, संजय श्रीवास्तव,जी सी सनवाल, संजय पांडे,नीरद लोहनी, नीरज लोहानी,आनन्द सिंह, बृजेश मेहता, के के पांडे उर्फ़ कन्हैया आदि आर्थिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था में लगे हुए हैं। रामलीला समिति के वरिष्ठ सहयोगी फ्लाइंग ऑफिसर बी पी पांडे,विनोद पन्त बीनू,वी के जोशी,तारा दत्त जोशी , सर्वजीत सिंह बोरा,घनानंद जोशी मनोज निगम व दीपेश पांडे द्वारा तन,मन और धन से बराबर अपना सहयोग दे रहे हैं। समिति के मुख्य संयोजक दीपक पांडे दीनू कलाकारों एवं कार्यकर्ताओं के स्वाल्पाहार की व्यवस्था के साथ साथ मंच निर्माण एवं प्रशासनिक व्यवस्था पर पूर्ण रूप से लगे हुए हैं।बाल एवं नृत्य कलाकारों को भारती पांडे के साथ श्रीमती भावना लोहानी, जया पांडा, नीलिमा त्रिपाठी , हेमा तिवारी , चित्रा पांडे प्रशिक्षण दे रही हैं।

रामलीला मंचन के दौरान दृश्य के अनुसार सेट लगाने की जिम्मेदारी मधुसूदन उर्फ मधु बाबा और उनकी टीम की है जो अभी से तैयारी में लग गए हैं। कलाकारों के रूप सज्जा की जिम्मेदारी अजय राठौर एवं दीपाली राठौर को दी गई है।
