2 फरवरी तक उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी :: Warning of rain and snowfall in Uttarakhand till February 2 :: uttarakhand weather update
उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर बदलेगा, लंबे समय के बाद 23 जनवरी को बारिश और बर्फबारी हुई थी और एक बार 2 फरवरी तक उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी मौसम विभाग ने दी है. उत्तराखंड मौसम केंद्र ने राज्य में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की सम्भावना बताई है, मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक कई इलाकों में भारी बर्फबारी होगी।
मौसम केंद्र के मुताबिक, उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. मौसम केंद्र ने राज्य के अन्य जिलों में, जिनमें देहरादून, पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा और उधम सिंह नगर शामिल हैं, वहां ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ऑरेंज अलर्ट दिया है।उत्तराखंड मौसम केंद्र ने 28 जनवरी को उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की भविष्यवाणी की है. मौसम केंद्र के मुताबिक, 2,500 मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है और राज्य के गढ़वाल मंडल में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की भी उम्मीद है. 2,500 मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी होने की संभावना है।7 दिनों को लेकर दिया अलर्ट29 जनवरी को, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश और 2,800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है. 30 जनवरी को, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश और 2,800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है. 31 जनवरी को उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. मौसम केंद्र ने 1 फरवरी से 2 फरवरी के दौरान राज्य के पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और 2800 मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की भविष्यवाणी की है।तेज हवाएं और ओलावृष्टि की भी संभावनाउत्तराखंड मौसम केंद्र ने 27 और 28 जनवरी के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है. मौसम केंद्र की सलाह में कहा गया है कि इन दो दिनों के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. इसलिए, सतर्कता जरूरी है क्योंकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से सड़कें बंद हो सकती हैं. इन इलाकों में जेसीबी मशीनों या स्नो कटर की जरूरत है. मौसम केंद्र की एडवाइजरी में कहा गया है कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना है।
