भारतीय ज्ञान संस्कृति तथा नशा मुक्त युवा विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत, अल्मोड़ा में आज दिनांक 27 जुलाई 2026 को “भारतीय ज्ञान संस्कृति तथा नशा मुक्त युवा” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रेरणादायक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
गुरु पूर्णिमा के पावन पुनीत अवसर पर आज दिनांक 27 जुलाई 2026 को राजकीय महाविद्यालय, शीतलाखेत अल्मोड़ा एवं शांतिकुंज, हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में “भारतीय ज्ञान संस्कृति तथा नशा मुक्त युवा” विषय पर एक प्रेरणादायक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भीम सिंह अधिकारी, हरीश सिंह बिष्ट, पूरन सिंह बोहरा, नंदन सिंह बिष्ट तथा जगजीवन खोलिया (शांतिकुंज, अल्मोड़ा शाखा) उपस्थित रहे।
सशक्त एवं संस्कारित व्यक्ति ही सशक्त राष्ट्र के निर्माण का आधार
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण के साथ हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, नैतिक मूल्यों, सदाचार, श्रेष्ठ आचरण तथा नशा-मुक्त जीवन के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना था।
इस अवसर पर हरीश सिंह बिष्ट ने मंत्र जाप के आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सशक्त एवं संस्कारित व्यक्ति ही सशक्त राष्ट्र के निर्माण का आधार होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अनुशासित, संस्कारित एवं सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
भारतीय ज्ञान परीक्षा में अधिकाधिक संख्या में प्रतिभाग करने का आह्वान
मुख्य वक्ता भीम सिंह अधिकारी ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, आत्मविश्वास तथा कठिन परिश्रम के महत्व पर अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। उन्होंने छोटी-छोटी प्रेरक कथाओं, कहानियों एवं प्रेरणा गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महाविद्यालय में आयोजित होने वाली भारतीय ज्ञान परीक्षा की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से इसमें अधिकाधिक संख्या में प्रतिभाग करने का आह्वान किया।

नैतिक मूल्यों, सदाचार एवं अनुशासन को जीवन का आधार बनाने का आह्वान
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से नैतिक मूल्यों, सदाचार एवं अनुशासन को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने नियमित रूप से महाविद्यालय में उपस्थित होकर मनोयोगपूर्वक अध्ययन करने, निरंतर परिश्रम करने तथा अपने ज्ञान और चरित्र के बल पर समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
नशा-मुक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, शिक्षणेतर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का सफल संचालन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ तथा अंत में सभी ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण, नैतिक मूल्यों के पालन एवं नशा-मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
