नीट परीक्षा निरस्त होना देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़- विधायक मनोज तिवारी
नीट परीक्षा निरस्त होने के मामले पर अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी ने केंद्र सरकार और परीक्षा संचालन व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है।उन्होंने कहा कि देश के लाखों विद्यार्थियों की मेहनत, सपनों और भविष्य के साथ जिस तरह लगातार खिलवाड़ हो रहा है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
युवाओं के विश्वास पर गहरी चोट
उन्होंने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा का निरस्त होना केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास पर गहरी चोट है।मनोज तिवारी ने कहा कि देशभर के छात्र-छात्राएं वर्षों तक कठिन परिश्रम कर डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं।गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं,कोचिंग और किताबों के लिए कर्ज तक लेते हैं,लेकिन सरकार की लापरवाही और अव्यवस्थित परीक्षा प्रणाली के कारण विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, असुरक्षा और निराशा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक,परीक्षा गड़बड़ी और परीक्षा निरस्त होने की घटनाएं यह साबित करती हैं कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
देश का युवा अपने भविष्य को लेकर असमंजस में
उन्होंने कहा कि आज देश का युवा अपने भविष्य को लेकर असमंजस में है।परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों का एक-एक दिन महत्वपूर्ण होता है,लेकिन सरकार की कमजोर व्यवस्था के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा निरस्त होने का विषय नहीं,बल्कि लाखों परिवारों की भावनाओं और उम्मीदों से जुड़ा मुद्दा है।विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करानी चाहिए तथा जो भी अधिकारी, एजेंसियां या लोग इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी और जांच समितियां बनाकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।युवाओं का विश्वास दोबारा जीतने के लिए सरकार को पारदर्शी और मजबूत परीक्षा प्रणाली विकसित करनी होगी।
विद्यार्थियों और अभिभावकों के प्रति की संवेदना व्यक्त
उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस कठिन समय में छात्रों के साथ खड़े हैं।उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने दिन-रात मेहनत कर इस परीक्षा की तैयारी की, उनकी पीड़ा को समझना जरूरी है।सरकार को चाहिए कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ जल्द संपन्न कराए ताकि विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो।मनोज तिवारी ने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सरकार की लगातार असफलताएं देश के युवाओं में निराशा पैदा कर रही हैं।उन्होंने कहा कि युवा केवल आश्वासन नहीं,बल्कि सुरक्षित और भरोसेमंद व्यवस्था चाहते हैं। यदि सरकार समय रहते नहीं चेती तो देश का युवा आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगा।उन्होंने कहा कि आज देश का युवा सड़कों पर जवाब मांग रहा है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग केवल अपनी छवि बचाने में लगे हैं। जिस सरकार से विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा की उम्मीद थी, वही सरकार उनके सपनों की सबसे बड़ी बाधा बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत को कागज का टुकड़ा समझने वाली व्यवस्था को अब बदलना होगा। यदि छात्रों के भविष्य के साथ इसी तरह खिलवाड़ जारी रहा तो देश का युवा चुप नहीं बैठेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगा।
