जल संरक्षण पखवाड़ा के अंतर्गत जल उत्सव एवं जन-जागरूकता गोष्ठी का आयोजन


लमगड़ा, 15 जून 2026। आज विकास खण्ड लमगड़ा सभागार में जल संरक्षण पखवाड़ा के अंतर्गत एक दिवसीय जल उत्सव एवं जन-जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं जल के महत्व के प्रति आमजन को जागरूक करना था।
कार्यक्रम में जलागम विभाग के श्री धीरज सिंह (विशेषज्ञ कृषि) एवं श्री गोपाल सिंह बिष्ट (विशेषज्ञ अनुश्रवण एवं मूल्यांकन) ने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने “धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा” अभियान एवं भागीरथी ऐप के माध्यम से जल स्रोतों के चिन्हांकन और संरक्षण में जनसहभागिता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।
इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी श्री रोहित वर्मा, सहायक खण्ड विकास अधिकारी श्री हरीश सुयाल तथा सहायक विकास अधिकारी (उद्यान) श्री हेम बिष्ट ने जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए सभी नागरिकों से जल स्रोतों के संरक्षण एवं स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की ओर से आजीविका समन्वयक श्री हरीश सनवाल ने जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, पौधारोपण, रोपित पौधों के संरक्षण तथा जन-जागरूकता गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीण समुदायों से प्राकृतिक जल स्रोतों की सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
गोष्ठी में उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया तथा जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सामूहिक संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विकास खण्ड परिसर लमगड़ा में वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान चलाया गया। उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। साथ ही विकास खण्ड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया तथा नौलों, धारों एवं अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई कर जल संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना से श्रीमती सुनीता रावत (मूल्यांकन, अनुश्रवण एवं वित्त सहायक), एनआरएलएम से श्री जितिन धनुष (बीएमएम) एवं श्रीमती वैशाली धानक (एरिया कोऑर्डिनेटर), विकास खण्ड लमगड़ा के समस्त ग्राम विकास अधिकारी, मनरेगा स्टाफ, सीएलएफ स्टाफ, जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ बनाने के संकल्प के साथ किया गया।

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